पुराने संग्रह से


बुश का अहम कहें या सद्दाम की तानाशाही ।
ईराक़ में मची है चारों तरफ़ तबाही।
लोग मर रहें हैं परिवार बिछड़ रहें हैं।
पक्षी भी गगन में उड़ने से डर रहें हैं।
लो वो गिरी मिसाईल वो आयी बम की आवाज़।

देखो हो रही लड़ाई कौन हो अरब का ताज ।

-सुनील गोयल



विविध कविता