नामामीगंगे


अथक भागीरथ प्रयास से जो धरा पर आई हैं ।

भोले शंकर की जटा में जो समाई हैं ।
जल नहीं अमृत धारा है ।
भारत के जन-जन का सहारा है ।
सबने जिसको माता कहके पुकारा है ।
उस नामामीगंगे को शत-शत नमन हमारा है ।

-सुनील गोयल



विविध कविता