हक़ीकत


ना तारे ज़मीन पर उतरेंगे ।
ना सागर आसमान में जाएगा ।
हक़ीकत की बात करो मेरे यारों ।
सपनों से ना कुछ हासिल हो पाएगा ।

-सुनील गोयल



विविध कविता